भारत में कितनी नदियाँ है?

भारत में नदियों को एक अलग और विशेष दर्जा दिया जाता है | भारत के सभी लोग भारत की सभी नदियों की बहुत ही श्रद्धा के साथ पूजा अर्चना करते है और उन सभी नदियों को बहुत ही पवित्र मानते है  क्योंकि यही नदियां हमारे देश के लगभग सभी धार्मिक स्थलों को जीवन  देती है | आज भारत में 35 प्रमुख नदियां है | जहाँ सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचकर स्नान और पूजा करते है |

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भारत की प्रमुख नदियां (Major Rivers of India)

भारत की प्रमुख नदियां इस प्रकार है-

गंगा नदी, यमुना नदी, सरस्वती नदी, नर्मदा नदी, कावेरी नदी, गोदावरी नदी, क्षिप्रा नदी, ब्रह्मपुत्र नदी,महानदी, कृष्णा नदी, सरयू नदी, अलकनंदा नदी, भागीरथी नदी, चंबल नदी, सोन नदी, बेतवा नदी, सिंध नदी, मांडोवी नदी, शरावती नदी, जुवारी नदी, काली नदी, सतलुज नदी, शरावती नदी, कोसी नदी, कोयना नदी, ताप्‍ती नदी, गंडक नदी,  घाघरा नदी, मानस नदी, तीस्ता नदी, तुंगभद्रा नदी, हुगली नदी, पेरियार नदी, काली सिंध नदी ये नदियां भारत की प्रमुख नदियां कहलाती है |

गंगा नदी 

गंगा नदी का उद्गम स्थल गंगोत्री हिमनद होता है | वहीं इस नदी की लम्बाई 2,525 कि.मी है | यह नदी मुहाना से होती हुई सुंदरवन और बंगाल की खाड़ी तक पहुंचती है | सभी नदियों में से गंगा नदी भारत की सबसे महत्त्वपूर्ण एवं पवित्र नदी मानी जाती है, जिसे लोग माँ का दर्जा देते हैं और यहाँ पर लोग बहुत ही श्रद्धा के साथ पूजा अर्चना करते है | इसी के साथ इस नदी के तट पर कई धार्मिक सथलों का भी निर्माण कराया गया है | यमुना, रामगंगा, घाघरा, गंडक, कोसी, महानंदा और सोन ये सारी नदियां गंगा की प्रमुख सहायक नदियां कहलाती है |

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यमुना नदी 

उदगम स्रोत – यमुनोत्री

लंबाई – 1,376 कि.मी

मुहाना – त्रिवेणी संगम, इलाहाबाद

यमुना नदी, गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदियों में से एक है लेकिन वहीं, चंबल और बेतवा महत्वपूर्ण उपसहायक नदियां हैं, जो गंगा से पहले यमुना में मिल जाती हैं | यमुना नदी अपने उदगम स्थल यमुनोत्री से निकलकर इलाहाबाद में गंगा तथा सरस्वती नदी से  मिलती है |

सरस्वती नदी

सरस्वती नदी भारत की सबसे पवित्र नदियों में से तीसरे स्थान पर है इसलिए गंगा और यमुना के बाद सरस्वती नदी का नाम लिया जाता है | इसके साथ ही यह नदी एक प्राचीन एवं पौराणिक काल की नदी कही जाती है जिसका पूरा विवरण वेदों में भी किया गया है | प्रयाग में इन तीनो नदियां गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम है  |

नर्मदा नदी

उदगम स्रोत – अमरकंटक

लंबाई – 1,312 कि.मी

मुहाना – खम्भात की खाड़ी, अरब सागर

नर्मदा नदी एक पवित्र नदी होने के साथ-साथ  दिव्य और  रहस्यमयी नदी भी है, जिसका स्रोत अमरकंटक में नर्मदा कुंड से हुआ है वहीं इस नदी का नाम नर्मदा नदी, गोदावरी नदी और कृष्णा नदी के बाद आता है जो इन तीनो नदियों के बाद पूर्ण रूप से भारत देश के अंदर बहने वाली तीसरी सबसे लंबी नदी बन गई है।

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कावेरी नदी 

उदगम स्रोत – तालाकावेरी

लंबाई – 760 कि.मी

मुहाना – कावेरी डेल्टा, बंगाल की खाड़ी

यह एक ऐसी नदी है जिसके किनारे बसा तिरुचिरापल्ली शहर हिन्दुओं का प्रसिद्ध तीर्थ स्थान बना हुआ है जहां लोग पूजा अर्चना के लिए जाते है | इसके साथ ही यह नदी दक्षिण भारत में गोदावरी और कृष्णा के बाद तीसरी सबसे बड़ी नदी कहलाती है |

गोदावरी नदी 

उदगम स्रोत – त्रयंबकेश्वर

लंबाई – 1,465 कि.मी

मुहाना – बंगाल की खाड़ी

इस नदी को बहुत से लोग दक्षिण गंगा के नाम से जानते है, गोदावरी महाराष्ट्र में नासिक जिले से निकलते हुए  आंध्र प्रदेश से बहती हुई बंगाल की खाड़ी मे जाकर मिल जाती है |

क्षिप्रा नदी

उदगम स्रोत – धार

लंबाई – 196 कि.मी

मुहाना – चंबल नदी

इस नदी का उदगम स्थल मध्य भारत मे है, जो एक ऐतिहासिक नदी कहलाती है, वहीं इस नदी के स्थल के किनारे उज्जैन महाकाल ज्योतिर्लिंग बनी हुई है साथ ही इस नदी के किनारे चार स्थानों मे से एक कुम्भ का मेला भी काफी बड़ा लगता है |

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ब्रह्मपुत्र नदी

उदगम स्रोत – तिब्बत, कैलाश पर्वत

लंबाई – 2900 कि.मी

मुहाना – बंगाल की खाड़ी

भारत में यह एक ऐसी अकेली नदी हैं जिसका नाम पुल्लिंग से है लेकिन वहीं, शाब्दिक अर्थ ब्रह्मा का पुत्र,  यह नदी कोई छोटी नदी नहीं यह नदी एक बहुत लम्बी नदी है जिसका उद्गम स्थल तिब्बत में कैलाश पर्वत के पास है |

महानदी

उदगम स्रोत – धमतरी

लंबाई – 885 कि.मी

मुहाना – बंगाल की खाड़ी

इस नदी का उद्गम रायपुर के समीप धमतरी जिले से हुआ है  वहीं यह नदी छत्तीसगढ़ तथा उड़ीसा राज्यो से होते हुए विशाल रूप धारण कर बंगाल की खाड़ी में जाकर मिलती है |

कृष्णा नदी

उदगम स्रोत – महाबलेश्वर

लंबाई – 1290 कि.मी

मुहाना – बंगाल की खाड़ी

कृष्णा नदी महाबलेश्वर पर्वत से  निकलर  बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है, हिंदुओं में यह नदी पवित्र नदी कही जाती है और साथ ही कहा जाता है कि, इस नदी मे स्नान करके लोगों के सभी पापों का अंत होता है |

सरयू नदी

यह नदी हिमालय से निकलती है और अयोध्या से होते हुए गंगा में जाकर मिलती  है, यह नदी एक वैदिक कालीन नदी कहलाती है |

अलकनंदा नदी 

यह एक ऐसी पवित्र नदी है जो गंगा के दो मुख्यधाराओं में से एक है  |

भागीरथी नदी 

यह नदी देवप्रयाग में अलकनंदा नदी से  मिलती है और फिर पवित्र गंगा नदी का निर्माण कर देती है वहीं भागीरथी नदी तथा दूसरी सहयोगी भीलांगना नदी के संगम पर टिहरी बाँध का निर्माण हुआ है जो की विश्व का पाँचवा सबसे ऊँचा बाँध कहलाता है |

भारत में सुबानसिरी, जिया भरेली, धनश्री, पुथीमारी, पगलादीया और मानस ब्रह्मपुत्र की प्रमुख सहायक नदियाँ हैं | इसके बाद बांग्लादेश में ब्रह्मपुत्र में तीस्ता आदि नदियां मिलकर गंगा में मिलती  हैं |

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